लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफियाओं के खिलाफ जमकर कार्रवाई कर रही है। बुलडोजर चल रहे हैं। इस कार्रवाई के बीच उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के परिणाम चर्चा में हैं। दरअसल चुनाव में जितनी चर्चा बीजेपी के 36 में से 33 सीटों की बड़ी जीत की नहीं है, उससे ज्यादा चर्चा बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, माफिया बृजेश सिंह और माफिया धनंजय सिंह से जुड़े प्रत्याशियों की जीत की हो रही है। इस बीच विपक्ष सरकार की कार्रवाईयों पर कथित रूप से गुड माफिया, बैड माफिया की पॉलिसी पर चलने का आरोप लगा रहा है। वहीं राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अगर जनता के बीच पक्षपात का संदेश चला गया तो सरकार की पूरी मेहनत पर पानी फिरने का संकट खड़ा हो सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में माफियाओं पर कार्रवाई की बात करें तो पूरे प्रदेश में मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद से लेकर सुंदर भाटी, कुंटू सिंह जैसे माफियाओं की करोड़ों की संपत्ति ध्वस्त की जा चुकी है। यही नहीं न्यायालय में लंबित केसों में भी सरकार ने तेजी दिखाई है और कई मामलों में लिस्टेड माफियाओं को सजा तक दिलाई गई है। यही नहीं दूसरी बार शपथ लेते ही सीएम योगी ने एक बार फिर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। इसी दौर में यूपी में विधान परिषद चुनाव होते हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी बड़ी जीत दर्ज करती है। 36 सीटों में से 33 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी 40 साल बाद यूपी में ऐसा पहला राजनीतिक दल बनी है, जिसके पास विधानसभा के दोनों सदनों में बहुमत है। लेकिन बीजेपी की इस बड़ी जीत की इस बार चर्चा नहीं है। चर्चा में तीन प्रमुख प्रत्याशी हैं, जिनमें एक भाजपा से हैं। इनमें वाराणसी से विजेता निर्दलीय प्रत्याशी अन्नपूर्णा सिंह, प्रतापगढ़ से जनसत्ता दल के अक्षय प्रताप और जौनपुर से बीजेपी प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंशू का नाम शामिल है। अन्नपूर्णा सिंह माफिया बृजेश सिंह की पत्नी हैं। अक्षय प्रताप बाहुबली नेता और जनसत्ता दल के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के रिश्तेदार हैं और तीसरे बृजेश सिंह प्रिंशू माफिया धनंजय सिंह के खास माने जाते हैं।
एक तरफ बीजेपी एमएलसी चुनाव में विपक्ष को चारों खाने चित कर रही दूसरी तरफ पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी तीसरे स्थान पर रही। चर्चा शुरू हो ही रही थी कि अन्नपूर्णा सिंह का जीत पर बयान आ गया, उन्होंने जीत का श्रेय पीएम मोदी और सीएम योगी को दिया। इससे कहीं न कहीं अदृश्य समर्थन की बातों को हवा मिलने लगी।











