आगरा। वरिष्ठ अधिवक्ता की पुलिस दबिश के दौरान हुई मौत से अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। अधिवक्ताओं के द्वारा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया। इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हो गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया। खबर लिखे जाने तक अधिवक्ता आगे के आंदोलन की रणनीति बना रहे थे। वह पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं।
अधिवक्ता सुनील शर्मा अपनी पत्नी के साथ मंगलम आधार अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 801 में रह रहे थे। देर रात पुलिस की एक गाड़ी अपार्टमेंट में आई। गाड़ी में थानाध्यक्ष राजीव कुमार सहित कई दरोगा और पुलिसकर्मी सवार थे। पुलिस कर्मी ऊपर गए। उनके फ्लैट में भी अंदर गए। कुछ देर बाद अचानक तेज आवाज हुई। लोगों ने निकल कर देखा तो अधिवक्ता जमीन पर पड़े थे। आनन-फानन में पुलिस कर्मी गाड़ी में बैठकर भागने लगे। लोगों ने उन्हें रोक लिया। पुलिसकर्मी उसी गाड़ी से लहूलुहान हालत में पड़े अधिवक्ता सुनील शर्मा को हॉस्पिटल लेकर गए जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोपहर दो बजे तक उनके भाई नहीं आए हैं। पोस्टमार्टम गृह पर उनका इंतजार हो रहा है।
इधर अधिवक्ता की पुलिस दबिश के दौरान हुई मौत को लेकर पुलिस अधिकारियों ने पहले से ही दीवानी पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। इसके बावजूद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर दिया। वह पुतला लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकल आए। पुतले में आग भी लगा दी। पुलिस ने अधिवक्ताओं को पकड़ बड़ी मुश्किल से स्थिति को काबू में किया।












