आगरा। अभी तक पुलिस विभाग में विवेचना ट्रांसफर होते हुए तो खूब देखी गई हैं लेकिन प्रारंभिक जांच ट्रांसफर देखने को नहीं मिली हैं। पूर्वी जोन में थैले वाली प्रारंभिक जांच एसीपी से हटाकर दूसरे एसीपी को दे दी गई है। इसके बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या एसीपी फतेहाबाद जांच सही नहीं कर रहे थे। अगर सही नहीं कर रहे थे या कुछ गोलमाल कर रहे थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वहीं अगर सही कर रहे थे तो जांच ट्रांसफर कैसे हो गई?
21 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हुई थी। रील में सिर्फ कार के डैश बोर्ड पर 500-500 के नोटों की गड्डियां दिख रही थीं। तेज आवाज में गाना बज रहा था मोटी चैन, मोटा पैसा कोई दिखा तो हमारे जैसा, छोरी चिल्लावे पैसा ही पैसा। रील वायरल होने पर एसआई नितिन भड़ाना ने यह शिकायत की थी कार उसकी थी। शमसाबाद थाने का कारखास सुमित कार मांगकर ले गया था। एक प्राइवेट व्यक्ति भी उसके साथ था। दोनों कार से एक बैग लेकर गए थे। बैग एसओ शमसाबाद ने भेजा था। बैग में क्या था। इसे लेकर उसने गंभीर आरोप लगाए थे। रील वायरल होने के बाद दरोगा की कार का मिलान कराया गया था। कार उसी की निकली थी। उसे निलंबित किया गया था। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच एसीपी फतेहाबाद आनंद कुमार पांडेय को दी थी। उन्होंने दरोगा, कारखास, प्राइवेट व्यक्ति सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए थे। शुरूआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि कार से थैला गया था। थैला ले जाने पर कारखास सुमित को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। इस बात से और जाहिर हो गया था कि थैला तो गया है। जांच निष्कर्ष पर ही थी। सूत्रों का कहना है डीसीपी पूर्वी ने ट्रांसफर होते समय यह जांच एसीपी फतेहाबाद से हटाकर एसीपी पिनाहट को दे दी। अब जांच एसीपी पिनाहट अमरदीप लाल को मिली है। निष्कर्ष से पहले ही जांच ट्रांसफर होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं कोई लीपापोती करने की कोशिश तो नहीं हो रही? क्योंकि प्रारंभिक जांच कभी भी ट्रांसफर होते हुए नहीं देखी गई हैं। चर्चाएं यह भी है कि अगर यह बात सिद्ध हो जाती है कि थैले में पैसे गए थे तो भ्रष्टाचार का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। इसके साथ ही इनकम टैक्स विभाग भी यह पूछेगा कि इतना पैसा कहां से आया। मामले में नए जांच अधिकारी एसीपी पिनाहट अमरदीप लाल से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि उनके द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
आखिर किसने बनाई रील
-कार दरोगा की थी। कारखास लेकर गया था। रील किसने बनाई। नोटों की गड्डियां किसकी थीं। यक्ष प्रश्न
-कार से बैग गया था। बैग थानाध्यक्ष ने भेजा था। कारखास ने एनसीआर में उनके एक रिश्तेदार को दिया था। बैग में क्या था। जवाब नहीं।
– दरोगा ने बैग में रकम होने का आरोप क्यों लगाया था।
-सवाल यह उठ रहा है कि बैग में सिर्फ कपड़े थे तो कारखास और प्राइवेट व्यक्ति अचानक कार से लेकर उसे देने क्यों गए। कपड़े इतने कीमती तो नहीं हो सकते।– निष्कर्ष निकलने से पहले ही एसीपी फतेहाबाद से जांच क्यों हटा दी गई।










