आगरा। आज खंदारी परिसर में छात्रों के गुटों में हुए झगड़े के बीच विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों से भी अभद्रता की गई। ऐसा प्रोफेसरों का आरोप है। दो प्रोफेसर का कहना है कि पुलिस के सामने उन पर फर्जी मुकदमा लिखाए जाने की धमकी दी गई। इसके बाद दोनों ही मानसिक तनाव में हैं। वह अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए प्रति कुलपति के पास पहुंचे। दोनों का कहना है कि वह ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकते।
आईईटी में आज कुछ छात्र और छात्राओं के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। एक पक्ष ने सांसद प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया के यहां आने जाने वाले एक युवक को अपने समर्थन में बुला लिया। वह अपने साथ कई युवकों को ले आया। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव का कहना है की शिक्षकों के सामने ही यह युवक गुंडई दिखाते हुए एक युवक को जबरन अपने साथ खींच कर ले जाने लगे, उसके साथ में मारपीट शुरू कर दी, जब उन्होंने और निदेशक आईईटी प्रोफेसर वीके सारस्वत ने बीच-बचाव कराने की कोशिश की तो उन्हें भी धमकी दी गई कि अगर वह इस मामले में पड़े तो उनके ऊपर फर्जी मुकदमा लिखवा दिया जाएगा। प्रोफेसर वीके सारस्वत का कहना है कि पुलिस के सामने भी इन युवकों ने उन्हें देख लेने की धमकी दी। मानसिक तनाव में आकर वह निदेशक आईईटी के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वह भी चीफ प्रॉक्टर पद से इस्तीफा दे रहे हैं।













