आगरा। न्यू आगरा से विनय को मोटरसाइकिल से भगा कर ले जाने वाले दो इनामी बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने पुलिस को बताया कि किस तरीके से वह विनय को पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर भगाकर ले गए थे।
13 जुलाई को फिरोजाबाद निवासी विनय जेल से न्यायालय में तारीख पर आया था। मुख्य आरक्षी अनुज प्रताप सिंह की आंखों में धूल झोंक कर वह दीवानी से फरार हो गया था। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस ने उसे भगाकर ले जाने वाले लोगों की शिनाख्त की थी। मोटरसाइकिल पर जो दो युवक विनय को ले गए थे, उनके नाम राहुल और पिंटा थे। आज एसओजी, सर्विलांस, थाना पुलिस को सूचना मिली कि दोनों लाल गढ़ी गांव से कहीं जाने की फिराक में हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया। पुलिस को देख दोनों ने पुलिस के ऊपर फायरिंग कर दी। घेराबंदी करने के बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
दोनों ने पूछताछ में बताया कि विनय को हमने ही भगाया था। मोटरसाइकिल के सम्बन्ध में पिण्टा द्वारा बताया गया कि यह मोटरसाइकिल मेरे गांव के एक व्यक्ति की है, जिसे मैं मांगकर लाया था। अभियुक्त विनय श्रोतिया के सम्बन्ध में बताया कि उस पर चार दर्जन से अधिक मुकदमें हैं और उसकी जमानत नहीं हो पा रही थी। इसलिए वह भागना चाह रहा था। राहुल कश्यप द्वारा बताया गया कि मैं पूर्व में जेल गया था, जहां मेरी मुलाकात विनय श्रोतिया से हुई थी। फिर मैं जमानत पर बाहर आ गया। मैं पिन्टा उर्फ शिवराम यादव, सोनू कुशवाह व छोटे उर्फ ऋषभ के साथ-साथ विनय श्रोतिया से भी मिलने उसकी कई तारीख से दीवानी आता था। जेल में भी मैं विनय श्रोतिया से मिलाई करने जाता था। जहां पर हम दोनो ने भागने की योजना बनाई थी। हर मिलाई पर विनय श्रोतिया मुझे दो-तीन हजार रूपये खर्चे के लिये देता था। वह जेल से मैसेन्जर काल व पीएनटी काल कर मुझे अपनी तारीख पर आने के लिए कहता था। हम पैसों के लालच में तारीख पर उससे मिलने आते थे। विनय श्रोतिया ने हमको ढाई लाख रूपये देने के लिए कहा था जिससे हम लालच में आ गये।
13 जुलाई को वह पेशी पर आया तो मैं, पिन्टा उर्फ शिवराम यादव, सोनू कुशवाह व छोटे उर्फ ऋषभ राजपूत दीवानी गेट नम्बर एक पर हवालात के पास मौजूद थे, जैसे ही विनय श्रोतिया को पेश करने के लिये पुलिसवाला लेकर चला तो विनय श्रोतिया ने सोनू कुशवाह के कान में कहा कि मोटरसाइकिल गेट नंबर चार पर ले आओ। पिन्टा उर्फ शिवराम यादव मोटरसाइकिल को गेट नंबर चार पर ले आया। यहां से हम मथुरा गए। मथुरा से अलीगढ़, अलीगढ़ से शिकोहाबाद और वहां से अवागढ़ पहुंचे। यहां से विनय कहीं चला गया।
राहुल और पिंटा को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित, न्यू आगरा इंस्पेक्टर विजय विक्रम सिंह, सीआइडब्ल्यू प्रभारी प्रदीप कुमार, सर्विलांस प्रभारी सचिन धामा, एसएसआई न्यू आगरा जितेंद्र दीक्षित, एसआई जितेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, आशीष शुक्ला, वसीम अकरम, लोकेश कुमार, मुकुल शर्मा, मानवेंद्र राहुल आदि शामिल रहे।











